What is ISRO in Hindi? ISRO Full Form in Hindi क्या हैं?

What is ISRO in Hindi? ISRO Full Form in Hindi क्या हैं?

What is ISRO in Hindi की इस कड़ी में आज हम लोग ISRO Full Form या Full Form of ISRO के बारे में समझने वाले हैं। इस पोस्ट में आपको भारत के अभूतपूर्व गौरवशाली Space agency के इतिहास के बारे में पढ़ेंगे।

What is ISRO? ISRO in Hindi क्या हैं?

ISRO भारत का National Space Institute (राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान) है, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है। ISRO organization में लगभग 17000 कर्मचारी एवं वैज्ञानिक कार्यरत हैं। ISRO organization का मुख्य कार्य भारत के लिए space technology को उपलब्ध करवाना है। Space program के मुख्य उद्देश्यों में satellite launcher, sounding robot और earth system का विकास शामिल है।

What is ISRO Full Form? ISRO in Hindi में पूरा नाम क्या है?

अब हम लोग सबसे पहले ISRO Full Form के बारे में जानेंगे।

Full Form of ISRO – ISRO का पूरा नाम “Indian Space Research Organisation” हैं।

I = Indian
S = Space
R = Research
O = Organization

ISRO Full Form in Hindi –

ISRO in Hindi में इसको हम लोग “भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन”
कहा जाता है।

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About ISRO! ISRO की स्थापना कब हुई?

ISRO की स्थापना 15 अगस्त सन 1969 में वैज्ञानिक विक्रम अंबालाल साराभाई के प्रयासों के द्वारा हुई थी। इसलिए इन्हें ISRO organization का जनक भी कहा जाता है। ISRO का मुख्यालय बेंगलुरु में है। अंतरिक्ष विभाग भारतीय सरकार के अधीन काम करता है और सीधे भारत के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है। आपको बता दें कि साराभाई ने ISRO और PRL के अलावा उन्होंने कई संस्थानों की स्थापना की। Nuclear power usage – “परमाणु ऊर्जा उपयोग” के अध्यक्ष पद पर भी विक्रम साराभाई रह चुके थे।

उन्होंने अहमदाबाद में स्थित अन्य उद्योगपतियों के साथ मिलकर “इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट” अहमदाबाद (Indian Institute of Management Ahmedabad) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Dr. Vikram Sarabhai

Dr. Vikram Sarabhai (1963 to 1972) को Father of the Indian space program कहा जाता है। इसके अलावा Vikrma Sarabhai ने कुछ अन्य संस्थानों का भी संस्थापक कहा गया है जो नीचे दिए गए हैं:

I. Physical Research Laboratory (PRL), Ahmedabad.
II. Indian Institute of Management (IIM), Ahmedabad
III. Vikram Sarabhai Space Centre, Thiruvananthapuramm
IV. Faster Breeder Test Reactor (FBTR), Kalpakkam

ISRO Budget और First Satellite कब लॉन्च किया गया?

ISRO in Hindi: इसको बनाने में लगने वाला कुल बजट करीब लगभग 13,479.47 करोड़ था। भारत का पहला setellite आर्यभट्ट 19 अप्रैल 1975 को सोवियत संघ द्वारा अंतरिक्ष में छोड़ा गया था। इसका नाम महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था। इसने 5 दिन बाद काम करना बंद कर दिया था, लेकिन यह अपने आप में भारत के लिए बड़ी उपलब्धि थी।

7 जून 1979 को भारत का दूसरा setellite “भास्कर” को लॉन्च किया गया जिसका कुल वजन 445 किलो था। यह पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने के लिए किया गया था। 1980 में रोहिणी उपग्रह पहला भारत निर्मित प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 बन गया। जिसे कक्षा में स्थापित किया गया था। फिर ISRO ने दो अन्य रॉकेट Polar satellite and launch vehicle विकसित किए।

ISRO Director

इसरो वर्तमान निर्देशक Dr. Kailasavadivoo Sivan है। आज भारत ना सिर्फ अपने अंतरिक्ष संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम है बल्कि दुनिया के बहुत से देशों को अपनी आंतरिक्ष क्षमता से व्यापारिक और अन्य स्तर पर सहयोग करता है।

इसरो ने 22 अक्टूबर 2008 को चंद्रयान-1 भेजा जिसने चंद्रमा की परिक्रमा की। इसके बाद 24 सितंबर 2014 को मंगल ग्रह की परिक्रमा करने वाला मंगलयान (Mass Orbit Mission) भेजा। सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश किया और इस प्रकार भारत अपने पहले ही प्रयास में सफल होने वाला पहला राष्ट्र बना। दुनिया के साथ ही एशिया में पहली बार अंतरिक्ष एजेंसी में एजेंसी की सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा तक पहुंचने के लिए चौथे स्थान पर है।

जून 2016 तक लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 satellite को लॉन्च कर चुका है और इसके द्वारा उसने अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए हैं।

ISRO Chairman List

 ISRO Chairman       Tenure   Lengh of Term
1.  Vikram Sarabhai From 1963 to 1972 9 years
2. M. G. K. Menon From Jan. 1972 to Sept. 1972 9 months
3. Satish Dhawan From 1972 to 1984 12 years
4. Prof. U R Rao From 1984 to 1994 10 years
5. K. Kasturirangan From 1994 to 2003 9 years
6. G. Madhavan Nair From 2003 to 2009 6 years
7. K. Radhakrishnan From 2009 to 2014 5 years
8. Shailesh Nayak From 1 Jan. 2015 to 12 Jan. 2015                12 days
9. A. S. Kiran Kumar From 2015 to 2018 3 years
10. K. Sivan From Jan 2018 Till date incumbent

ISRO in Hindi का इतिहास

साल 1957 में स्पूतनिक के प्रक्षेपण के बाद डॉक्टर विक्रम साराभाई ने कृत्रिम उपग्रह की उपयोगिता को भांपा। साल 1961 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अंतरिक्ष अनुसंधान को परमाणु ऊर्जा विभाग की देखरेख में रखा। भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले होमी भाभा ने साल 1962 में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय समिति (इनकोस्पार) का गठन किया।

जिसमें डॉक्टर साराभाई को सभापति के रूप में नियुक्त किया। होमी तत्कालीन भाभा परमाणु ऊर्जा विभाग के निदेशक थे। 1962 में भारतीय अंतरिक्ष कार्यालय की स्थापना के साथ ही अनुसंधित रॉकेट का प्रक्षेपण शुरू कर दिया। परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत इनकोस्पार्क कार्यक्रम से 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का गठन किया।

1960 और 1970 के दशक के दौरान भारत ने अपने राजनीतिक और आर्थिक आधार के कारण स्वयं के प्रक्षेपण यान कार्यक्रम की शुरुआत की। देश में सफलतापूर्वक साउंडिंग रॉकेट कार्यक्रम विकसित किया गया।

1980 के दशक से उपग्रह प्रक्षेपण यान-3 पर अनुसंधान का कार्य किया गया। इसके बाद पीएसएलवी जीएसएलवी आदि रॉकेट को विकसित किया। भारत का पहला उपग्रह आर्यभट्ट सोवियत संघ द्वारा कॉसमॉस-S एम पृक्षेपण यान से 19 अप्रैल 1975 को लांच किया गया। इसके बाद स्वदेश में बने प्रयोगात्मक रोहिणी उपग्रहों की श्रंखला को भारत ने स्वदेश पृक्षेपण यान उपग्रह प्रक्षेपण यान से लांच किया।

ISRO की खासियत क्या है?

  • इसरो का पिछले 40 सालों का कर्ज अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान इसरो के 1 साल के खर्च के आधा है।
  • NASA की इंटरनेट स्पीड 91GBPS है, और इसरो की इंटरनेट स्पीड 2GBPS है।
  • कभी भारत ने मंगल मिशन के लिए अमेरिका से मदद मांगी थी लेकिन टेक्नोलॉजी शेयरिंग से अमेरिका ने इंकार कर दिया था। इसके बाद भारत ऐसा पहला देश बना जो अपने पहले प्रयास में मंगल पर पहुंच गया इसमें अमेरिका 5 बार वही रूस 6 बार असफल रहा था।
  • कुछ समय पहले ही भारत ने इसरो की सहायता से एक साथ 104 सैटेलाइट को एक साथ अंतरिक्ष में भेजने का कारनामा कर दिखाया था। इसमें से मात्र 3 भारत के थे और 101 विदेशी सेटेलाइट थे।
  • विदेशी सैटेलाइट लॉन्च करने की वजह से इसरो को 700 करोड़ से भी ज्यादा की कमाई हुई थी।

ISRO से जुड़े कुछ ज़रूरी तथ्य

  • इसरो में फिलहाल 17 साल से भी ज्यादा कर्मचारी और वैज्ञानिक कार्यरत हैं।
  • शुरुआती सालों में कम संसाधन होने के कारण ISRO को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। देश के पहले रॉकेट लॉन्चिंग के वक्त रॉकेट को साइकिल पर लादकर पैड तक लाया गया था।
  • ISRO में काम करने के लिए देश के कई वैज्ञानिकों ने अपना पूरा जीवन यहीं पर निछावर कर दिया। देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम उन्हीं में से एक थे।
  • भारत का अंतरिक्ष विभाग पहले भारत के परमाणु विभाग के अंतर्गत हुआ करता था। लेकिन साल 1969 में ISRO के नाम से अलग संस्था बना दी गई।
  • इसरो के पहले मिशन चंद्रयान प्रथम पर करीब 390 करोड़ रुपए ही खर्च हुए थे,जबकि NASA इसी तरह के मिशन पर इस खर्च के मुकाबले 8 से 9 गुना ज्यादा खर्चा करता है।

ISRO और NASA का जॉइंट वेंचर प्रोग्राम क्या है?

NASA और इसरो के बीच एक संयुक्त परियोजना पर काम कर रहें है। जिसके अंतर्गत NASA-इसरो सिंथेटिक एपर्चर राडार या निसार मिशन (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar or NISAR) दोहरी आवृत्ति वाले सिंथेटिक एपर्चर रडार उपग्रह को विकसित करने और लॉन्च करने के लिए एक साझा कार्यक्रम है।

इसरो और जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री (JPL) NASA संयुक्त रूप से दोहरी आवृत्ति आपसे टी (L&S)बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार इमेजिंग सेटेलाइट के विकास पर काम कर रहे हैं। जिससे नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडर (NISAR) नाम दिया गया है। एल-बैड एसएआर जो जेपीएल/ NASA द्वारा विकसित किया जा रहा है।

जबकि इसरो एस बैंड एसएआर विकसित कर रहा है। इस उपग्रह से प्राप्त एवं एंड एस बैंड माइक्रोवेव के विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोग के लिए उपयोगी होगा जिसमें प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग और निगरानी शामिल है फसल चक्र की पूरी अवधि में कृषि बायोमास का आकलन करना मिट्टी की नमी का आकलन बाढ़ और तेल की छड़े की निगरानी सत्ता विवरण अध्ययन बस की चादर रह जाती है और गतिशीलता आदि।

Conclusion

इस तरह ISRO अपने भारत का गौरव है जो स्पेस टेक्नोलॉजी में अद्भुत और ब्रह्माण्ड से जुड़ी हुयी जानकारियों को उपलब्ध कराता है। इसरो के बारे में कुछ शब्दों में बताना बहुत मुश्किल है।

आपने इसरो से जुड़ी हुयी प्रमुख बातों को जैसे About ISRO, ISRO in Hindi, What is ISRO, ISRO Full Form, Full Form of ISRO & ISRO Full Form in Hindi के बारे में जाना। यह सब जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। ISRO के इस जानकारी को अन्य लोगों के साथ शेयर करें। हमारी सभी नवीनतम आर्टिकल को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमें सब्सक्राइब भी करें।

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