On-Page SEO Kaise Kare Step By Step Guide In Hindi

On-Page SEO Kaise Kare Step By Step Guide In Hindi

दोस्तों on page seo (search engine optimization) करना किसी भी वेबसाइट के लिए बहुत जरूरी होता है क्योंकि ऑनलाइन पर करोड़ों की संख्या में website मौजूद हैं और हजारों की संख्या में website ऑनलाइन पर डेली अपलोड होती रहती हैं ऐसे में अपनी वेबसाइट की SEO सर्च इंजन में पहचान बनाए रखना बहुत मुश्किल काम है।
 

आज मैं आपको on page seo kya hai और इसके जरिये वेबसाइट की रैंकिंग कैसे बढ़ाई जाए और यह रैंकिंग किस तरह से मेंटेन की जाय  इसके बारे में बताऊंगा।

 
 
बहुत सी वेबसाइट जो बन रही है या फिर बन चुकी है उनके लिए सबसे बड़ा चैलेंज search engine ranking को लेकर होता है इसके अलावा web traffic को अपनी website पर किस तरह से लाया जाए यह भी बड़ा मुश्किल सवाल है क्योंकि हम अपनी वेबसाइट तो बना लेते हैं लेकिन उसकी रैंकिंग की समस्या को लेकर जूझते रहते हैं।

 

यह आर्टिकल पढ़ने के बाद आपको समझ में आ जाएगा की वेबसाइट बनाते समय किन बातों का ध्यान रखा जाए जिससे हमारी website seo friendly हो जाए।

 

search engine optimization में on page search करने के लिए कुछ नियम होते हैं जो कि गूगल के द्वारा निर्धारित किए हुए हैं जो समय-समय पर बदलते रहते हैं और अगर इस पर ध्यान नहीं देते हैं तो हमारी वेबसाइट को seo ranking नहीं मिल पाती है।
 
on page seo kaise karte hai इसको समझने से पहले Google search engine Algorithms को समझ लेते हैं क्योंकि जिस तरह गूगल नए अपडेट ला रहा है उसकी वजह से हमें अपने वेबसाइट को भी मेन्टेन रखना होता है, नहीं तो हमारी वेबसाइट की रैंकिंग खराब हो सकती है।  

 

अभी 2019 में ही बहुत सी वेबसाइट की रैंकिंग अचानक से डाउन हो गयी थी और लोग इसकी वजह से काफी blogger परेशान भी हुए थे इसलिए आपको किसी on page seo करने से पहले Google Algorithm update रखना भी बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है. गूगल ने यह सभी अपडेट user experience को ज़्यादा बेहतर बनाने के लिए करता रहता है। 



Google Algorithms के मेजर update कौन से हैं ?

Google Algorithm में आये दिन नए नए अपडेट आते रहतें है जिसका असर वेबसाइट की रैंकिंग और SERP (Search engine result page) पर भी पड़ता है। 
 
on page seo techniques
 

Panda: यह वर्ष 2011 में लॉन्च हुआ था और इसका मुख्य काम duplicate content, thin content की चोरी, by user spamming और Keyword stuffing को देखता है। 

 
पांडा web page quality को जांचता है जिसको हम लोग seo quality score के रूप में देखतें हैं यह quality score हमारे web page ranking पर काफी असर डालता है . वर्ष 2016 से यह Google Algorithm के core algorithm में शामिल कर लिया गया है और अब यह पहले से बहुत ज़्यादा तेज़ रिजल्ट को देता है। 
 
Penguin: यह वर्ष 2012 में लांच हुआ था और इसका मुख्य काम आपके content related link को देखना और spam को चेक करना होता है यह ज़्यादातर anchor text में link को चेक करता है और over optimize होने पर रिपोर्ट करता है। 
 
इसका मुख्य उद्देश्य लिंक manipulative पाए जाने के बाद वेबसाइट रैंकिंग को down करना होता है यह वर्ष 2016 से Google core algorithm का मुख्य पार्ट है। 
 
HummingBird: यह वर्ष २०१३ को लॉन्च हुआ था और इसका मुख्य काम वेबसाइट पेज के कंटेंट और कीवर्ड स्टफ्फिंग को चेक करना होता है। 
 
यह अत्यधिक कीवर्ड का पेज में इस्तेमाल और लो कंटेंट क्वालिटी पाए जाने पर रिपोर्ट करना होता है इसकी वजह से गूगल सर्च query की व्याख्या अच्छी तरह से कर पाता है
 
piegon: यह वर्ष २०१४ में लॉन्च हुआ था। piegon का मुख्य काम local seo और on page seo या off page seo को search करना है। यह local algorithm और core algorithm के बीच का पार्ट है जिसको यह अच्छी तरह से मैनेज करता है और local search result देता है
 
Mobilegeddon: यह वर्ष 2015 को launch हुआ था। यह मुख्यता mobile web page उपयोगिता को जाँचता है जिसमे यह पता लगाया जाता है की mobile page friendly हैं की नहीं और SERP में रैंक हो रही मोबाइल पेज को optimize होना चाहिए या नहीं इसका भी पता लगाता है .
 
RankBrain: यह वर्ष 2015 में launch हुआ था और गूगल hummingbird algorithm का ही एक पार्ट है . यह एक मशीन लर्निंग सिस्टम है जो गूगल के backend query meaning को समझता है और सर्च रिजल्ट को बेहतर तरीके से दर्शाता है यह गूगल का तीसरा सबसे important ranking  algorithm factor है।
 
Knowledge Graph: यह सर्च इंजन के रिजल्ट को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए होता है जिसका काम विभिन्न प्रकार के resources से information इकट्ठा करना होता है। गूगल ने इस वर्ष 2012 में स्टार्ट किया था। यह algorithm का हिस्सा है।  
 
Possum: यह वर्ष 2016 को लॉन्च हुआ था .यह local search में बहुत करीबी और लगभग एक जैसे business name और address को देखता है जिससे आपकी local business address और एक जैसी query में समानता के बावजूद अंतर करके आपको सर्च रिजल्ट देता है। 
 

Fred: यह वर्ष 2017 को लॉन्च किया गया था यह low quality post अथवा article को देखता है और यह भी पता लगाता है की क्या blog website सिर्फ ad revenue के लिए पोस्ट डाल रहीं है या फिर generate कर रहीं हैं यह वेबमास्टर guideline को भी जाँचने का काम करता है। 

On-Pagege SEO क्या है (What is on page seo in hindi)

on page seo optimization (AKA on page optimization) factors वेबसाइट में उपयोग होने वाले सभी element को measure करता है। 
 
on page seo में technical setup, code quality, website text, image और web page का friendly behavior शामिल होता है जिससे आपकी वेबसाइट की गुणवत्ता बढ़ती है और सर्च इंजन रैंकिंग में बेहतर या टॉप पेज पर रिजल्ट मिलते हैं
 
इसकी वजह से आपकी वेबसाइट पर ट्रैफिक आता रहता है और यह बढ़ता भी रहता है onpage seo factor में यूज़ होने वाले सभी कम्पोनेनेट जैसे की वेबसाइट content, architecture और HTML कोड parameter Google search engine में optimize होता है यह सभी website element आपके द्वारा मैनेज किये जातें हैं इसलिए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है

on-page seo और off-page seo में क्या अंतर है ?

on page seo factors वेबसाइट में मौजूद सभी कॉम्पोनेन्ट को HTML source code के द्वारा रेफेर किया जाता है जबकि offpage seo में वेबसाइट में उपस्थित वेब पेज लिंक्स और अन्य दूसरी वेबसाइट पर मौजूद लिंक्स को आपकी वेबसाइट पर रेफेर करता है।
यह दोनों तरीके वेबसाइट हायर रैंक और वेबसाइट पर ज़्यादा से ज़्यादा ट्रैफिक को लाने में किया जाता है on page seo में seo से सम्बंधित सभी एलिमेंट मौजूद होतें है जो आपकी वेबसाइट को optimize करने में काफी मददगार साबित होते है क्योंकि onpage seo optimization का पूरा नियंत्रण आपकी हाथ में होता है इसलिए इसके टेक्निकल इशू और अन्य कमियों को दूर करके वेबसाइट को अत्यधिक seo फ्रेंडली बना सकतें हैं क्योंकि यह आपके पूरी तरह से नियंत्रण में होता है इसलिए onpage seo को आप अच्छी तरह कर पाते हो। 
 

on page seo कितने प्रकार से करतें हैं ?

on page seo kya hai hindi


Technical Excellence

आपके वेबसाइट की कोड क्वालिटी और सभी एलिमेंट का उपयोग सही तरीके से करना बहुत इम्पोर्टेन्ट होता है जिससे onpage seo अच्छा वर्क कर सके क्योंकि index crwaling करते समय आपका कोड जितना क्लीन होगा और quality को मेन्टेन करेगा उतना ज़्यादा आपकी वेबसाइट रैंक होगी।  

Quality Content

आपकी वेबसाइट को क्यों देखना चाहिए ? इसको हम लोग ऐसे भी समझतें हैं की आपकी वेबसाइट पर ट्रैफिक क्यों आना चाहिए जबकि अन्य और वेबसाइट ऑनलाइन पर मौजूद है। 

 
यदि आपकी वेबसाइट पर लिखे गए आर्टिकल यूजर के मतलब के होंगे तो आपकी वेबसाइट पर लोग पढ़ने जरूर आते रहेंगे लेकिन उससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण सवाल यह है की आपके कंटेंट में यूजर के लिए वह सभी जानकारी मौजूद होने चाहिए जिससे content की quality maintain हो जाए गूगल आपके text को पढता है और unique quality content मिलने पर गूगल रैंक में मदद करता है। 

Website User Experience

अब सबसे अंतिम और महत्वपूर्ण सवाल यह है की क्या आपकी वेबसाइट देखने, समझने, पढ़ने और स्पीड लोड में कैसी है ?
 
अगर आपकी वेबसाइट का  design look अच्छा होगा तो यूजर आपकी वेबसाइट पर जरूर रुकेगा उसके बाद user menu, navigation और proper managed link होंगे जिससे वह किसी भी पेज को बिना लिंक ब्रेक के navigate कर पाता है तो यूजर का वेबसाइट अनुभव और भी ज़्यादा अच्छा हो जाता है इसके बाद बारी आती है आपकी वेबसाइट की runtime speed कैसी है और यूजर फ्रेंडली है भी या नहीं क्योंकि वेबसाइट बहुत धीमे होने पर यूजर आपकी वेबसाइट से किसी और वेबसाइट पर चला जायेगा जिसके कारण आपकी ट्रैफिक पर इसका काफी असर पड़ेगा। 

On Page SEO कैसे करें ?

onpage seo में हम लोगों को उन सभी technique का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे SERP (Search Engine Result Page) में वेबसाइट की रैंकिंग को फायदा मिलता हो इसके अलावा ट्रैफिक में भी बढ़ोत्तरी होती है Quality Content और elements की मदद से हम on page seo अच्छी तरह कर पातें हैं अन्य फैक्टर में URL का भी अहम् रोल होता है। 

SEO Friendly URL कैसे लिखें ?

जब हम onpage seo की बात करतें हैं तो यह किसी भी वेबसाइट में seo friendly url को लिखना बहुत इम्पोर्टेन्ट होता है क्योंकि यह यूआरएल आपकी वेबसाइट को रैंकिंग बढाने में काफी मदद करतें हैं जिससे आपको organic traffic मिलता है seo friendly url को कैसे लिखेंगे उसको समझते हैं आपका web page article url के information को दर्शाना चाहिए short url बनाना ज़्यादा सही होता है। 

  • long & ugly url को नहीं लिखा जाना चाहिए
  • Keyword से रिलेटेड URL को लिखा जाना चाहिए
  • Article page से सम्बंधित url को लिखा जाना चाहिए
  • आपका post लाइव देखने के लिए robot.txt फाइल को चेक करना चाहिए

 

Right URL: https ://domainname.com/on-page-seo
 
Wrong URL: http://domainname.com/blog?id=xyz

 

इसके अलावा on page seo optimize करने के लिए अन्य technical elements aspects का ध्यान रखना होता है। 
 
on page seo techniques in hindi के लिए कुछ टैग का इस्तेमाल कैसे करतें है अब हम लोग इसको समझते हैं। 

Title tag optimize in SEO

किसी भी आर्टिकल के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण होता है की उसके web page content information से सम्बंधित web page title को कैसे seo friendly तरीके से लिखा गया है जिससे आपकी web page search engine में आते समय यूजर को attract करे यह हमेशा ध्यान में रखना चाहिए की boring title tag नहीं हो क्योंकि आपका title tag ही article post reader को पढ़ाने में interest develop करता है।

 

  • आप टाइटल टैग को जितना हो सके naturally और keyword से सम्बंधित लिखे
  • अपने आर्टिकल से मिलता जुलता कीवर्ड को टाइटल टैग में बनाये
  • आपको टाइटल टैग हमेशा आर्टिकल पोस्ट से पहले बताना चाहिए
  • टाइटल टैग को आर्टिकल के बीच में बिल्कुल नहीं लिखें

Heading (h1, h2 और h3) को कैसे लिखें 

आर्टिकल को लिखते समय heading का उपयोग करना on page seo के लिए बहुत फायदेमंद होता है Google crawl करते समय यह सभी heading को आपके पेज के लिए देखता है। 

 
जिससे आपका पेज Google rank होने में मदद मिलती है देखा जाय तो यह h1 tag को अपने article page के लिए Keyword में लिखना चाहिए जबकि अन्य tag जैसे h2, h3 को subheading में लिखना चाहिए यह सब आपके on page स्कोर को बढ़ाता है और content readership को भी बढ़ाता है। 
 

Content With Media

Article post में text के अलावा info graphics का इस्तेमाल किया जाना चाहिए जिससे user experience और ज़्यादा अच्छा हो जाता है आपको टेक्स्ट के साथ इमेज और वीडियो का इस्तेमाल अच्छी तरह करने से यूजर readability हमेशा high लेवल पर रहती है। 

Alt Text and Image optimization

अपने आर्टिकल में image का इस्तेमाल करते समय Image title और alt text को जरूर लिखें alt text (alternative text) search engine को crawl करते वक़्त ज़्यादा information देता है। 

 
Image में इसका इस्तेमाल करने पर यह और ज़्यादा अच्छी तरह से google search में describe हो पाता है जहाँ तक हो सके keyword phrase का इस्तेमाल करें और शार्ट में alt text को लिखें। 
 

Meta Description 

यह गूगल सर्च करते समय आपको domain name या url के ठीक नीचे दिखाई देता है यह गूगल में ad की तरह काम करता है जो की maximum 150 words से ज़्यादा नहीं होता है एक तरह से देखा जाय तो google आपके content का advt करने के लिए देता है।  
 
जिसके जरिये किसी article को गूगल में सर्च करतें वक़्त user को attract करने के लिए होता है आपको मेटा description लिखते समय target keyword को जरूर लिखना चाहिए जिससे गूगल सर्च रिजल्ट पेज में जगह दे पाए
 
meta description में आप मुख्य रूप से पेज के लिए “call to action”, notes, brand name, special information और वेबसाइट featured details को देते हैं। 
 

Include Keyword

आर्टिकल को लिखते समय पहले के कुछ paragraph में आपको content related keyword जो की आप search result page rank के लिए करना चाहते हों उसको जरूर लिख दें क्योंकि गूगल जब भी आपके पोस्ट को crawl करे तो यह निश्चित हो जाए की किस content keyword के लिए पोस्ट को लिखा गया है 
 
सामान्य रूप से पहला paragraph कुछ 200 words के अंदर होना चाहिए इसी में आप keyword का इस्तेमाल कर दें एक बात का और ज़्यादा ख्याल रखना होता है की ज़्यादा keyword का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करें नहीं तो आप keyword stuffing करने की वजह से penalize कर दिए जाएंगे। 
 

Internal Links

अपने आर्टिकल्स में पेज से सम्बंधित anchor text की मदद से internal link जरूर डालें जिससे उससे related article आपकी website में पहले से मौजूद हों या फिर किसी और website का लिंक डालें जिससे यूजर को ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी प्राप्त हों इससे आपका यूजर आपकी वेबसाइट पर ज़्यादा समय के engage रहता है। 
 
अगर आप ऐसा करतें हैं तो सर्च इंजन में आपके कंटेंट का पूरा एक architecture तैयार हो जाता है जिससे गूगल आपकी वेबसाइट में मौजूद कंटेंट को समझने लगता है और वेबसाइट  रैंक होने में मदद मिलती है। 

Outbond Link

यह भी आपकी वेबसाइट को रैंक करने के बढियाँ तरीका है जिसमे आप कंटेंट रिलेटेड बाहरी वेबसाइट के लिंक को लिखतें है या अपने वेबसाइट के other article का लिंक यूज़ करतें हैं यह आपकी वेबसाइट के ट्रस्ट और web page authority को बढ़ाता है और website rank करने में मदद देता है। 

Long Tail Keyword का उपयोग

गूगल के नए seo अपडेट में long tail keyword को भी importance देने की बात कही है जिसको आप article लिखते वक़्त अपने content में इस्तेमाल कर सकतें हैं।

जैसे on-page seo techniques kya hai aur isko kaise kare

Write Depth Knowledge Content

अपने article में यह कोशिश हमेशा रहनी चाहिए की आप यूजर के लिए ज़्यादा से ज़्यादा information को लिखें जिससे यूजर को आपकी website से ज़्यादा जानकारी मिले और वह आपकी वेबसाइट पर दुबारा आये जब आप कंटेंट को ज़्यादा इन्फोर्मटिवे रखते हो तो पेज रैंक में भी आपको फायदा होता है।  

Write User-Friendly Language

आप जिस किसी भाषा का इस्तेमाल अपनी वेबसाइट पर करते हों वह आपके यूजर को आसानी से समझ में आनी चाहिए grammar और words selection सही तरीके से करते हुए लिखें। 

 
कुछ भी लिखना सही नहीं होता है केवल content information से रिलेटेड सरल भाषा का उपयोग करें इसमें आप long tail keyword seo या फिर short keyword का इस्तेमाल कर सकतें हैं। 
 

Website Loading Speed

यह भी on page seo का महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि low speed होने पर आपकी वेबसाइट के यूजर किसी और वेबसाइट पर चले जातें हैं जिसकी वजह से आपके वेबसाइट का bounce rate बढ़ता है, और यह आपकी वेबसाइट के लिए अच्छा नहीं होता है।  
 
एक सर्वे के मुताबिक 50% लोगों का मानना है की वेब पेज को ज़्यादा से ज़्यादा 4 second में ओपन हो जाना चाहिए जबकि देखा गया है की 40% लोग वेबसाइट की देरी से ओपन होने की वजह से अन्य साइट्स पर चले जातें हैं गूगल भी low speed website को panalize करता है इसलिए इसके प्रति जागरूक रहें। 
 

अच्छी होस्टिंग से लोडिंग स्पीड को बढ़ाएं। 

Image optimization

आर्टिकल में image का उपयोग करते समय इमेज को पेज रिलेटेड optimize किया जाना चाहिए और यह आर्टिकल से रिलेटेड होना चाहिए यह देखा गया है की गूगल कंटेंट से पहले इमेज को गूगल इमेज में रैंक करता है आपकी इमेज compress और min. size में हो जो लोड होते समय easy upload हो जाए।  

Use Social Share Button

आपकी वेबसाइट में social button का होना बहुत जरुरी है क्योंकि article post करने के बाद यही एक वजह होती है जिससे आपकी article ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के बीच में शेयर हो जिसका सीधा फायदा website rank और traffic को मिलता है। 

Responsive Design

आपकी वेबसाइट के web pages किसी भी deviceमें आसानी से ओपन होना चाहिए इसको दूसरे शब्दों में कहा जाए तो web page mobile friendly होना चाहिए जिससे यूजर मोबाइल अथवा अन्य किसी डिवाइस में इसको पढ़ सके जिससे आपकी वेबसाइट ट्रैफिक में इजाफा होता है। 

 
इसके लिए आप ब्लॉग या वेबसाइट को शुरू करने से पहले responsive template theme को जरूर समझें और फिर किसी बढियाँ template theme को अपने लिए चुने गूगल के नए अपडेट में अगर आपकी website mobile friendly या responsive design नहीं होगी तो SERP में पीछे या नीचे  कर दी जायेगी। 

Quality Content 

किसी भी वेबसाइट पर यूजर ट्रैफिक को बढ़ाने में usefull quality content का बहुत बड़ा रोल होता है यदि आपका कंटेंट बहुत अच्छी तरह से लिखा गया है तो वह जरूर रैंक होगा अन्यथा वेबसाइट का बाउंस रेट ज़्यादा बढ़ जाएगा। 
 
Quality content की मदद से यूजर आपकी वेबसाइट बार बार आता रहेगा जिससे आपकी पेज अथॉरिटी भी बढ़ती रहेगी इसके अलावा गूगल क्रोम आपकी वेबसाइट को बुकमार्क भी करता है। 

User Readability

आपकी वेबसाइट में लिखे गए कंटेंट सही तरीके से प्रेजेंट होने चाहिए यह बिलकुल एक गाइड की तरह दिखना चाहिए जिससे यूजर को पढ़ने में अच्छा अनुभव मिल सके। लिखे गए आर्टिकल साफ़ सुथरे शब्दों में और पढ़ने लायक फॉण्ट साइज में होने चाहिए। आप content में bold, italic , underline, link, font-size , color और heading इत्यादि का proper सही इस्तेमाल करें।  

Blog Comments 

अपने blog website में यूजर कमेंट को encourage करें जिससे यूजर का involvement आपकी website पर बना रहे और वेबसाइट को बेहतर परिणाम मिल सकें। गूगल भी आपकी website on page community को बढ़ावा देने के लिए कहता है जिससे वेबसाइट को फायदा मिल सके।  

On Page seo in hindi के इस आर्टिकल में आपने seo फैक्टर्स को समझे जिनकी मदद से आप वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ाने में खुद मदद कर पाएंगे। 
 
इसके लिए आपको किसी और की आवश्यकता नहीं होती है अगर आप on-page seo को करतें हैं तो यकीन मानिये ट्रैफिक के लिए 50% काम आप पहले ही देतें हैं।  

Voice Search Optimization

जिस तरह से टेक्नोलॉजी का विस्तार होता जा रहा है उससे हमारे technical aspects भी बढ़ते जा रहें हैं उसी क्रम में Google Voice और Amazon Alexa का उपयोग भी पिछले कुछ वर्षों से बढ़ता जा रहा है।  

वर्ष 2016 से अब तक इसका विस्तार 20 मिलियन तक पहुंच चूका है इसलिए voice search optimization को बिल्कुल इग्नोर नहीं किया जा सकता है। 
 
इंडिया में ही करीब २०% लोगों ने इसका उपयोग गूगल सर्च के लिए किया है और इस तरह इन यूजर की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है एक और सर्वे के मुताबिक इसका यूज़ मोबाइल में सबसे ज़्यादा हुआ है। आइये एक नज़र इसको भी देख लेते हैं।

Voice Search Optimize क्या है?

Voice engine optimization (VEO) यह voice based search engine optimize करने के लिए एक प्रकार के chatter’s trademark term का उपयोग करता है।

आपने देखा होगा की VEO की मदद से आप content, brand, shop या अन्य वह सब search कर पातें है जिसके लिए आपको जरुरत होती है। 

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