IAS Full Form क्या होता है ?

IAS Full Form क्या होता है ?

IAS Full Form भारतीय प्रशासनिक सेवा सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को IAS बनाया जाता है। IAS अधिकारी संसद में बनने वाले कानून को अपने क्षेत्रों में लागू करवाते हैं। साथ ही नई नीतियां या कानून बनाने में अहम योगदान निभाते हैं।


भारतीय प्रशासनिक सेवा अखिल भारतीय सेवाओं में से एक है। इसके अधिकारी अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सीधी भर्ती संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से की जाती है। तथा उनका आवंटन भारत सरकार द्वारा राज्यों को कर दिया जाता है।

IAS full form? तथा इसकी स्थापना कब हुई?

IAS full form का मतलब Indian Administrative service होता है और इसे IAS full form Hindi में ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ कहते हैं।

I – भारतीय (Indian)
A – प्रशासनिक (Administrative)
S – सेवा (Service)

IAS पूर्ण रूप से भारतीय प्रशासनिक सेवा है। 1922 में भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में भी होने लगी। पहले इलाहाबाद में और बाद में दिल्ली में संघीय लोक सेवा आयोग की स्थापना के साथ अपनी कठिनाइयां स्तर और प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा स्नातकों के लिए एक बड़ा आकर्षण रहा है। IAS की स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी।

Read More- JPEG Full Form क्या है?

Read MoreICT Full Form क्या है?

आईएएस ऑफिसर को मिलने वाले पद क्या हैं?

आईएएस ऑफिसर को मुख्यतः पद नीचे दिए गए हैं

  • जिला कलेक्टर
  • आयुक्त
  • मुख्य सचिव
  • सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के प्रमुख
  • निदेशक
  • कैबिनेट सचिव
  • चुनाव आयुक्त

Read More – MBBS कैसे करें? MBBS Full Form क्या है?

IAS की तैयारी कैसे करें?

IAS बनने के लिए आपकी उम्र और योग्यता बहुत ही अहम सवाल है। क्योंकि इसकी एग्जाम की तैयारी सही समय पर करनी चाहिए।

  • आप IAS एग्जाम की बेसिक्स को जाने।
  • आप सही किताबों का चुनाव करें।
  • आप सही न्यूज़ पेपर और मैगजीन पड़े।
  • आप एक शेड्यूल बनाएं और उस पर अमल करें।
  • आप अपनी तैयारी का आकलन करें।

आईएएस एग्जाम के लिए उम्र सीमा क्या है?

भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। भारतीय प्रशासनिक सेवा की विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग अधिकतम आयु सीमा निर्धारित की गई है। जिसको सामान्य वर्ग के लिए 32 वर्ष, ओबीसी के लिए 35 वर्ष और एससी और एसटी के लिए 37 वर्ष निर्धारित किए गए हैं. विकलांग श्रेणी के उम्मीद वारों के लिए सबसे ज़्यादा छूट दी जाती है।

IAS परीक्षा की तैयारी के लिए क्या करना चाहिए?

IAS परीक्षा की तैयारी का मतलब खुद को अलग रखना नहीं है। IAS परीक्षा की तैयारी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खुद को बाहरी दुनिया से अलग रखा जाए। कुछ लोग IAS उम्मीदवारों को ऐसे गलत धारणाओं का पालन IAS परीक्षा की तैयारी के दौरान, करने के लिए कहते हैं जो कि गलत है। IAS परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए IAS उम्मीदवारों में केवल किताबी ज्ञान का होना ही आवश्यक नहीं है बल्कि दुनिया की हर गतिविधि का ज्ञान होना आवश्यक है। जो एक आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करती है।

Read More: Shala Darpan क्या है?

पिछले कुछ वर्षों में UPSC IAS परीक्षा में कई बदलाव देखे गए हैं। जिसमें IAS उम्मीदवारो में समाज तथा सामाजिक परिवेश में घटने वाली हर समस्याओं पर उनकी गंभीरता का भी परीक्षण किया जाता है। IAS परीक्षा के प्रश्न पत्रों में ऐसे प्रश्नों को शामिल किया जाता है। जिससे IAS उम्मीदवारो की मानसिक योग्यता तथा सामाजिक समस्याओं को लेकर उनकी सजगता का विश्लेषण आसानी से किया जा सके। IAS उम्मीदवारों में सामाजिक समस्याओं से निपटने की कला का विकास बंद कमरे में रहकर केवल किताबों के अध्ययन से मुमकिन नहीं है।

इसके लिए IAS उम्मीदवारों को एक सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता है। और अपने कीमती समय से कुछ इन समस्याओं को हल करने के लिए उपाय ढूंढने में देना चाहिए।

  • IAS की परीक्षा के लिए गुणवत्ता की आवश्यकता है।
  • विश्राम के लिए पर्याप्त अवधि का होना आवश्यक है।
  • मनोरंजन के लिए भी समय आवश्य निकाले।

IAS की तनख्वाह कितनी होती है?

डिपार्टमेंट और सैलरी सातवे पे कमीशन के बाद की बात करें तो एक आईएएस का वेतन ₹56,100 से ₹2.5 लाख प्रतिमाह होता है। इसके साथ कई अन्य प्रकार की सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

IAS की ट्रेनिंग तथा इंटरव्यू कैसे होता है?

IAS को कुल 21 महीने की ट्रेनिंग पीरियड से उतरना पड़ता है। 4 महीने की बेसिक ट्रेनिंग और 2 महीने की व्यवसायिक ट्रेनिंग दी जाती है। फिर इन्हें राज्य में 12 महीने का जिला प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद दोबारा मसूरी में 3 महीने का व्यवसाय प्रशिक्षण दिया जाता है।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू में आपके डीएएफ (डिटेल एप्लीकेशन फॉर्म) से ही ज्यादातर प्रश्न पूछे जाते हैं। डीएएफ देखकर इंटरव्यू बोर्ड के सदस्य प्रश्न बनाते चले जाते हैं। जैसे; आप कहां से पासआउट हैं, किस जिले गांव के रहने वाले हैं, आप का बैकग्राउंड, आपकी रूचि वगैरा-वगैरा से प्रश्न पूछते हैं।

Read More: DM Kya hai? DM Full Form क्या है?

Read More: MBBS Kya hai? MBBS Full Form क्या है?

आईएएस क्या काम करते हैं?

IAS अधिकारी केंद्र सरकार राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में रणनीतिक और महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हैं। पदोन्नति अनुशासनिक कार्यवाही इत्यादि के संबंध में भारत सरकार द्वारा ही दिशानिर्देश तैयारी की जाती है। इन मामलों पर कार्मिक विभाग द्वारा भारत सरकार को आख्या/रिपोर्ट भेज जाती है।

सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को IAS बनाया जाता है।आईएएस अधिकारी संसद में बनने वाले कानून को अपने इलाकों में लागू करवाते हैं। साथ ही नई नीतियां या कानून बनाने में भी अहम योगदान निभाते हैं। आईएएस सही तौर पर कानून को लागू करने का काम करते हैं।

IAS और IPS में क्या अंतर होता है?

IPS और IAS दोनों के लिए UPSC एक ही परीक्षा करता है। जिसमें आपको चयन के समय आईएएस और आईपीएस में किसी एक को चुनना होता है। IPS के लिए आवश्यक शारीरिक फिटनेस की आवश्यकता होती है। ऊंचाई 160 सेंटीमीटर और छाती के बिना एक्सैपेंड 80 सेंटीमीटर और 5 सेंटीमीटर एक्सैपेंड की आवश्यकता होती है। इस पोस्ट के लिए किसी भी भौतिक की आवश्यकता नहीं है, IAS पोस्ट IPS पोस्ट से बड़ा है। लेकिन अधिकांश उम्मीदवारों IAS की तुलना में IPS को पहला पेफेरसफ देते हैं।

UPSC परीक्षा पात्रता और प्रक्रिया में IAS और IPS अधिकारियों के बीच अंतर नहीं है। भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा दोनों परीक्षाएं UPSC द्वारा आयोजित की जाती हैं। UPSC परीक्षा में बैठने के लिए पात्रता मानदंड किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में स्नातक है। UPSC परीक्षा के लिए आयु सीमा IAS/IPS परीक्षा के लिए के 1 अगस्त को 21 से 30 वर्ष है।

आप भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसे किसी डिप्टी कलेक्टर या डिएम डिप्टी मजिस्ट्रेट की नौकरी पा सकते हैं और IPS के लिए आप पुलिस अधीक्षक यानी SP रैंक अथवा पोस्ट प्राप्त कर सकते हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के तहत प्रशासन से संबंधित नौकरियों के संचालन के लिए जिम्मेदार है। मैं मुख्य रूप से सरकार में अधिकांश विभागों के शीर्ष पद पर रहते हैं। आज नीति निर्माण और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं। वे डियम आदि के रूप में भी कार्य करते हैं।

भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी वर्ग 1 पुलिस अधिकारी होते हैं। जो राज्य सरकारों में उच्च स्तरीय पुलिस पदों पर कब्जा करते हैं। इसके अलावा सीबीआई, आईबी आदि जैसी एजेंसियों में भी पद मिलते हैं।

IAS और IPS में कुछ और महत्वपूर्ण अंतर।

IAS और IPS भारतीय कार्यकारिणी कि दो विशिष्ट सेवाएं हैं।

  • देश में सरकार की नीतियों के उच्च निष्पादन के लिए कार्य आईएएस करता है। IPS को भी पुलिस सेवाओं के तहत यह सब कार्य करने होते हैं। IAS विभिन्न विभाग रखता है, और सरकार की नीतियों सार्वजनिक वितरण जिलों के प्रबंधन आदि के आधार पर नीतियों के निष्पादन में मदद करता है।
  • IAS प्रशिक्षण और अनुभव के बाद अपनी सेवाओं के प्रारंभिक चरण में जिले के डीएम के रूप में कार्य करता है। जो जिले में होने वाले सभी मामलों का प्रबंधन करता है। इसके अलावा अपने वरिष्ठ वर्षों में IAS भारत के प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में काम कर सकते हैं।
  • IPS मुख्य रूप से पुलिस सेवाओं से संबंधित है। केंद्रीय रूप से पुलिस सेवाओं के लिए नियुक्त किया जाता है। जो राज्य का मामला है। IPS राष्ट्र में कानून के रखरखाव के लिए काम करता है। विभिन्न फोकस आंतरिक सुरक्षा, संगठन और जन मामलों की सुरक्षा आदि है। उनके पास जो विभाग हैं वह आमतौर पर ऐसे उपायों से संबंधित हैं, जैसे सीबीआई।
  • इसलिए, वह अपने काम में अलग है, लेकिन कानून और व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नीतियों के क्रियान्वयन के लिए भी है।

Conclusion

आपको IAS Kya hai, आईएएस का फुल फॉर्म क्या है? इसके बारे में जानकारी जरुर पसंद आई होगी। IAS Full Form in Hindi के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की गयी है। यदि आपको यह आईएएस की फुल फॉर्म हिंदी में सीखने को मिला है तो कृपया इस पोस्ट Facebook, Twitter और अन्य सोशल नेटवर्क साइट्स पर जरूर शेयर करें।

Leave a Reply